सीईसी सदस्य ने चंबल नदी के बजरी खनन क्षेत्र का लिया जायजा | Cec Member Inspected The Gravel Mining Area Of Chambal River
धौलपुर. राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर बह रही चंबल नदी किनारे घाटों पर बड़े स्तर पर अवैध बजरी खनन, परिवहन और राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को पहुंच रहे नुकसान को लेकर शुक्रवार को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के अधीन केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल धौलपुर पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी, एसपी विकास सांगवान, डीएफओ वी.चेतन कुमार और वाइल्ड लाइफ डीएफओ डॉ.आशीष व्यास समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी ली। सीईसी सदस्य गोयल ने बाद
सीईसी सदस्य ने चंबल नदी के बजरी खनन क्षेत्र का लिया जायजा | Cec Member Inspected The Gravel Mining Area Of Chambal River

धौलपुर. राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर बह रही चंबल नदी किनारे घाटों पर बड़े स्तर पर अवैध बजरी खनन, परिवहन और राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को पहुंच रहे नुकसान को लेकर शुक्रवार को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के अधीन केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल धौलपुर पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी, एसपी विकास सांगवान, डीएफओ वी.चेतन कुमार और वाइल्ड लाइफ डीएफओ डॉ.आशीष व्यास समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी ली। सीईसी सदस्य गोयल ने बाद में धौलपुर और एमपी सीमा पर चंबल नदी के घाटों का स्टीमर से अधिकारियों के साथ बारीकी से निरीक्षण किया। विशेषकर जहां से अवैध बजरी खनन की निकासी होती है। सदस्य ने करीब एक घंटे तक चंबल नदी क्षेत्र में जायजा लिया। इसके बाद वह मध्यप्रदेश के पड़ोसी जिले मुरैना को रवाना हो गए। गौरतलब रहे कि अवैध बजरी खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। हाल में कोर्ट ने राजस्थान, एमपी और यूपी सरकार और प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने अवैध बजरी रोकने के दिशा-निर्देश दिए थे। जिस पर एमपी के मुरैना जिले में चंबल घाटों पर करीब 20 दिन पहले हथियार बंद जाब्ता तैनात कर रखा है।
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